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राज्य अध्यापक पुरस्कार/मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025-26 हेतु दिशा-निर्देश
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पुरस्कार हेतु प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक की अर्हता एवं शर्तें :

  • राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिये माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के नियमित सेवारत प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक आवेदन करने के लिए अर्ह होगे।
  • मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिये माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज से मान्यता प्राप्त स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक आवेदन करने के लिए अर्ह होगे।
  • राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिए प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के लिए कुल सेवा अवधि 15 वर्ष होगी, जिसमें से प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के पद पर न्यूनतम 05 वर्ष की नियमित सेवा अवधि पूर्ण कर ली गयी हो। अध्यापकों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियन्त्रणाधीन प्रदेश में संचालित 10 वर्ष की नियमित सेवा अवधि मान्य होगी।
  • केन्द्र अथवा अन्य राज्य सरकारों के अधीन राजकीय/सहायता प्राप्त माध्यामिक विद्यालयों में नियमित रूप से प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक के पद की सेवा अवधि मान्य होगी परन्तु पुरस्कार का चयन के संबंध में आकलन प्रदेश में किये गये शिक्षण कार्य के आधार पर किया जायेगा।
  • मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिए प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के लिए कुल सेवा अवधि 15 वर्ष होगी, जिसमें से प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के पद पर न्यूनतम 03 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर ली गयी हो। अध्यापकों के लिए 10 वर्ष की सेवा अवधि मान्य होगी।
  • अवधि की गणना आवेदन वर्ष के पूर्व शैक्षिक स़त्र के अन्तिम दिवस अर्थात 31 मार्च को आगणित की जायेगी।
  • मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार हेतु वही शिक्षक अर्ह होगें, जिनकी नियुक्ति तत्समय निर्धारित प्रक्रिया अथवा शिक्षा अनुभाग-7 के शासनादेश संख्या-ई0एम0-1443/15-7-2001(9)/2000 दिनांक 10.08.2001 द्वारा निर्धारित प्राविधान के अनुसार हुई हो।प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक यदि माध्यमिक शिक्षा परिषद उ0प्र0 द्वारा संचालित परीक्षाओं में डिबार अथवा किसी प्रकरण में दण्डित किया गया हो तो राज्य/मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार हेतु अनर्ह माना जायेगा।
चयन हेतु अन्य विचारणीय बिंदु :

  • विद्यालय में छात्र नामांकन वृद्धि के उपाय किए हों। इस प्रसंग में गत 05 वर्षों में विद्यालय में औसत छात्र नामांकन क्या रहा, उल्लेखित किया जाय।
  • विगत 05 वर्षों में शोधपत्र एवं पुस्तकों का राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशन/ऑनलाइन पठन-पाठन हेतु वीडियो का निर्माण किया हो।
  • विगत 03 वर्षों में शिक्षक द्वारा सफल अभ्यास (Best Practices) नवाचारों का प्रयोग किया गया हो।
  • शिक्षक द्वारा अपने शैक्षिक उन्नयन हेतु किये गये विशेष प्रयासों में निष्ठा पोर्टल तथा अन्य विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
  • शिक्षक पढ़ाने के पूर्व पर्याप्त तैयारी अर्थात पाठ्य योजना का निर्माण करते हो तथा उसके अनुसार टी0एल0एम0 का प्रयोग करते हों।
  • विगत 03 वर्षों में विद्यालय के किसी विद्यार्थी/शिक्षक द्वारा पढ़ाये गये किसी विद्यार्थी को यू0पी0 बोर्ड की परीक्षा में राज्य स्तर/जनपद स्तर की मेरिट में स्थान मिला हो।
  • विद्यालय के बच्चों ने पाठ्य सहगामी क्रिया कलापों-क्रीड़ा प्रतियोगिता/ रेडक्रास/ स्काउट एवं गाइड/एन0सी0सी0/एन0एस0एस0 के कार्यक्रमों में जनपद/मण्डल/राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किया हो।
  • शिक्षक द्वारा समुदाय के सहयोग से विद्यालय के भौतिक संसाधनों में अभिवृद्धि की गई हो।
मूल्यांकन प्रक्रिया :

जनपद/मण्डल/निदेशालयस्तरीय चयन समिति द्वारा शिक्षकों का मूल्यांकन, मूल्यांकन मानक जैसा कि शासनादेश दिनांक 05.09.2022 में निर्धारित है एवं प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। राज्य चयन समिति द्वारा प्रस्तुतीकरण देखने के उपरान्त योग्य शिक्षक का मूल्यांकन कर पुरस्कार हेतु चयन किया जायेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए मूल्यांकन मानक -

राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए मूल्यांकन मानक -
  1. प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक हेतु -
    • विद्यालय प्रबन्धन के मानक बिन्दुओंके लिए 33 अंक निर्धारित है।
    • विद्यालय प्रदर्शन के मानक बिन्दुओं के लिए 67 अंक निर्धारित है।
    • उक्त के अतिरिक्त प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार हेतु 20 अंक निर्धारित है।
  2. शिक्षक हेतु -
    • कक्षा प्रबन्धन के मानक बिन्दुओं के लिए 28 अंक निर्धारित है।
    • शिक्षक प्रदर्शन के मानक बिन्दुओं के लिए 60 अंक निर्धारित है।
    • भाषा/गणित/विज्ञान/मानविकी वर्ग/कृषि/वाणिज्य/कला/संगीत तथा व्यायाम शिक्षक के लिए मूल्यांकन मानक अंक 12 निर्धारित हैं।
    • उक्त के अतिरिक्त प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार हेतु 20 अंक निर्धारित है।
मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए मूल्यांकन मानक- -
  1. प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक हेतु -
    • विद्यालय प्रबन्धन के मानक बिन्दुओं के लिए 29 अंक निर्धारित है।
    • विद्यालय प्रदर्शन के मानक बिन्दुओं के लिए 71 अंक निर्धारित है।
    • उक्त के अतिरिक्त प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार हेतु 20 अंक निर्धारित है।
  2. शिक्षक हेतु -
    • कक्षा प्रबन्धन के मानक बिन्दुओं के लिए 28 अंक निर्धारित है।
    • शिक्षक प्रदर्शन के मानक बिन्दुओं के लिए 60 अंक निर्धारित है।
    • भाषा/गणित/विज्ञान/मानविकी वर्ग/कृषि/वाणिज्य/कला/संगीत तथा व्यायाम शिक्षक के लिए मूल्यांकन मानक अंक 12 निर्धारित हैं।
    • उक्त के अतिरिक्त प्रस्तुतीकरण/साक्षात्कार हेतु 20 अंक निर्धारित है।
आवेदन एवं चयन की प्रक्रिया :

  • सभी आवेदन निर्धारित ऑनलाइन वेब पोर्टल (www.upmsp.edu.in) के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे। ऑफलाइन माध्यम से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।
  • आवेदन पत्र के साथ प्रत्येक मूल्यांकन मानक के संबंध में संगत अभिलेख/प्रमाणपत्र ऑनलाइन संलग्न किया जायेगा।
  • प्रत्येक आवेदक द्वारा इस आशय की घोषणा की जाएगी कि उसके द्वारा उपलब्ध करायी गयी प्रत्येक सूचना/ डाटा उसके सर्वाेत्तम ज्ञान के अनुसार सत्य और विश्वसनीय है और यदि किसी भी समय प्राप्त सूचना गलत पाया गया तो उसका आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
  • जनपदीय चयन समिति द्वारा राज्य/मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए संस्तुत प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक के संबंध में चरित्र सत्यापन, सामान्य ख्याति तथा आपराधिक पृष्ठभूमि की स्थानीय अभिसूचना इकाई (एल0आई0यू0) से जांच कराकर आख्या आवेदन के साथ ऑनलाइन प्रेषित की जायेगी।
  • विभाग अथवा मा0 न्यायालय द्वारा दण्डित किये गये अथवा सामान्य ख्याति अच्छी न पाये जाने वाले प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक की संस्तुति किसी भी दशा में न की जाय।
  • ऐसे आवेदक के संबंध में विचार नहीं किया जायेगा जो विभागीय कार्यवाही के अंतर्गत दण्डित हुए हो अथवा किसी न्यायलय द्वारा दण्डित किये गए हो।
  • यह भी देखा जाएगा कि संबंधित आवेदक के विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई आपराधिक वाद लंबित अथवा प्रचलित तो नहीं है।
  • राज्य अध्यापक पुरस्कार के चयन के लिए जनपदीय चयन समिति से संस्तुत आवेदनों में से मण्डलीय चयन समिति द्वारा जनपदीय चयन समिति के मूल्यांकन का परीक्षण कर प्रत्येक विषय/वर्ग के लिए गुणांक एवं साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के योग के आधार पर मेरिट क्रम में सर्वश्रेष्ठ 01-01 आवेदन निदेशालय स्तरीय चयन समिति को संस्तुति सहित ऑनलाइन अग्रसारित किया जायेगा। मण्डलीय चयन समिति से संस्तुति आवेदनों में से निदेशालय सतरीय चयन समिति द्वारा मण्डलीय चयन समिति के मूल्यांकन का परीक्षण कर प्रत्येक विषय/वर्ग के लिए गुणांक एवं साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के योग के आधार पर मेंरिट क्रम में सर्वश्रेष्ठ 03 आवेदन राज्य स्तरीय चयन समिति को संस्तुति सहित ऑनलाइन अग्रसारित किया जायेगा।
  • मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार हेतु जनपदीय चयन समिति से संस्तुत आवेदनों में से मण्डलीय चयन समिति द्वारा जनपदीय चयन समिति के मूल्यांकन का परीक्षण कर सर्वश्रेष्ठ 04 आवेदन निदेशालय स्तरीय चयन समिति को संस्तुति सहित ऑनलाइन प्रेषित किया जायेगा। मण्डलीय चयन समिति से संस्तुति आवेदनों में से निदेशालय सतरीय चयन समिति द्वारा मण्डलीस चयन समिति के मूल्यांकन का परीक्षण कर सर्वश्रेष्ठ 02 आवेदन राज्य स्तरीय चयन समितिको संस्तुति सहित ऑनलाइन प्रेषित किया जायेगा। जनपद, मण्डल, निदेशालय एवं राज्य स्तर पर साक्षात्कार लिया जायेगा, जिसमें आवेदकों को अपने उत्कृष्ट कार्यो का डिजिटल प्रस्तुतीकरण करना होगा।
  • राज्य चयन समिति द्वारा प्रस्तुतीकरण देखने के उपरान्त योग्य प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/अध्यापक का मूल्यांकन कर पुरस्कार हेतु चयन किया जायेगा।
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  माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज , भारत